Money Guru: Index Fund से कैसे बनेगी मुनाफे की स्ट्रैटजी, Expert से जानें कहां निवेश करना है सही

पिछले एक महीने में कई बड़े फंड कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है हाउस ने इंडेक्स फंड लॉन्च किए हैं. इंडेक्स फंड कम लागत वाले फंड होते हैं, जिन्हें नए निवेश के लिए बेहतरीन माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं इंडेक्स फंड (Index Fund) से जुड़ी सभी बारीकियों को और जानते हैं कि यह इसके साथ ही यह भी पता लगाएंगे कि यह एक्टिव फंड्स (Active Funds) से कैसे अलग होते हैं. इसके बारे में विस्तार से हमें बताएंगे मॉर्निंगस्टार में मैनेज्ड पोर्टफोलियो के डायरेक्टर धवल कपाड़िया और म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट विश्वजीत पराशर.

एलियन तकनीक के संकेत दूसरे ग्रह पर जीवन का सर्वप्रथम पता लगाने का आधार हो सकते हैं

यूनिवर्सिटी पार्क, 22 अक्टूबर (द कन्वरसेशन) यदि कोई एलियन धरती की तरफ देखे तो कई इंसानी तकनीक (मोबाइल टॉवर से लेकर चमकीले बल्ब तक) जीवन की मौजूदगी के बारे में संकेत देने के लिहाज से पथ प्रदर्शक साबित हो सकती हैं। इस संकेत को ‘तकनीकी संकेत’ कहते हैं।

हमारे पास दो खगोलविद हैं जो दूसरे ग्रह पर बुद्धिमत्ता की खोज (सर्च फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस-एसईटीआई) पर काम कर रहे हैं।

अपने अनुसंधान में हम धरती से परे कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है दूसरे ग्रह पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक के संकेतों का पता लगाने और उन्हें चिह्नित करने का प्रयास करते हैं।

दूसरे ग्रह पर जीवन को लेकर आधुनिक वैज्ञानिक खोज वर्ष 1959 में शुरू हुई जब खगोलविद गियूसेप कोकोनी और फिलिप मॉरिसन ने दिखाया कि धरती से किया गया रेडियो ट्रांसमिशन का पता सुदूर अंतरिक्ष में भी रेडियो दूरबीन के जरिये लगाया कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है जा सकता है।

इसी साल फ्रैंक ड्राके ने पहली एसईटीआई खोज शुरू की और ‘ओज्मा परियोजना’ के तहत दो नजदीकी सूर्य जैसे तारों को लक्ष्य करके एक बड़ी रेडियो दूरबीन लगाई गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह उनसे आने वाले रेडियो संकेतों का पता लगा पाती है या नहीं।

वर्ष 1960 में लेजर की खोज होने के बाद खगोलविदों ने दिखाया कि दृश्य किरण का भी पता सूदूर स्थित ग्रहों पर लगाया जा सकता है।

दूसरी सभ्यता से आने वाले रेडियो या लेजर संकेत का पता लगाने के लिए ये पहले संस्थागत प्रयास थे, जिसके तहत इस बात की तालाश की जा रही कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है थी कि सौर तंत्र में जानबूझकर भेजा गया कोई केंद्रित तथा ताकतवर संकेत मौजूद है या नहीं।

इस तरह के जानबूझकर भेजे गए रेडियो और लेजर संकेत कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है की खोज आज भी लोकप्रिय एसईटीआई रणनीति है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी तर्क देते हैं कि बुद्धिमान प्रजाति जानबूझकर अपने स्थान से प्रसारण करने से बचती है।

हालांकि, इंसान बहुत से संकेत जानबूझकर अंतरिक्ष में कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है नहीं भेजता, लेकिन आजकल लोग बहुत सी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं जिससे बहुत अधिक रेडियो तरंगों का प्रसारण होता है, जो लीक होकर अंतरिक्ष में पहुंच जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है कि यदि इसी तरह के संकेत नजदीकी तारों से आते हैं, तो उनका पता लगाया जा सकता है।

आने वाला ‘स्क्वायर किलोमीटर अरे रेडियो टेलीस्कोप’ बेहद कमजोर रेडियो तरंग के संकेत का भी पता लगा लेगा, क्योंकि यह मौजूदा रेडियो टेलीस्कोप के मुकाबले 50 गुना अधिक संवेदनशील है।

मेगास्ट्रक्चर की खोज :

एक वास्तविक एलियन विमान का पता लगाने के अलावा रेडियो तरंगें सबसे सामान्य तकनीकी संकेत हैं, जिनका इस्तेमाल साई-फाई फिल्मों और पुस्तकों में इस्तेमाल किया गया है। लेकिन ये वहां से आने वाले इकलौते संकेत नहीं हैं।

वर्ष 1960 में खगोलविद फ्रीमैन डाइसन ने सिद्धांत प्रतिपादित किया जिसके मुताबिक तारे दूर स्थित सर्वाधिक ताकतवर ऊर्जा कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है के स्रोत हैं, इसलिए तकनीकी रूप से उन्नत सभ्यता ऊर्जा के रूप में तारों के प्रकाश का पर्याप्त भाग एकत्र कर सकती है जो कि निश्चित रूप से एक विशाल सौर पैनल होगा।

कई खगोलविद इसे मेगास्ट्रक्चर करार देते हैं, जिनका पता लगाने के कुछ उपाय हैं। ऊर्जा के रूप में प्रकाश का कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है इस्तेमाल करने वाली उन्नत सभ्यता कुछ ऊर्जा का पुन:उत्सर्जन गर्मी के रूप में करेगी। इस गर्मी कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है का पता लगाया जा सकता है, क्योंकि अतरिक्त इन्फ्रारेड रेडियेशन तारा प्रणाली से आते हैं।

मेगास्ट्रक्चर का पता लगाने का एक और संभावित तरीका यह होगा कि किसी तारे पर इसके मंद प्रभाव की गणना की जाए। किसी तारे का चक्कर लगाने वाले बड़े कृत्रिम उपग्रह समय-समय पर उसके कुछ प्रकाश को अवरुद्ध कर देते हैं।

खगोलविद जिस अन्य तकनीकी संकेत के बारे में सोचते हैं वह प्रदूषण से संबंधित है। रासायनिक प्रदूषण जैसे कि धरती पर नाइट्रोजन डाईऑक्साइड और क्लोरोफ्लोरो कार्बन मुख्य रूप मानवीय गतिविधियों के कारण उत्पन्न होता है। बाहरी ग्रहों पर भी इनके अणुओं का पता लगाना समान विधि से संभव है।

जैविक कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है संकेत का पता लगाकर सुदूर स्थित ग्रहों की खेज के लिए जैम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमामाल किया जा रहा है।

यदि खगोलविद पाते हैं कि किसी ग्रह का वायुमंडल ऐसे रसायन से भरा है जिसे केवल तकनीक से उत्पन्न किया जा सकता है, तो यह जीवन का संकेत हो सकता है।

इस कौन सा तकनीकी संकेतक सबसे सटीक है तरह कृत्रिम रोशनी या ऊर्जा और उद्योगों का भी पता बड़े ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड टेलीस्कोप के इस्तेमाल से लगाया जा सकता है।

कौन सा संकेत बेहतर?

किसी भी खगोलविद को अभी तक कोई स्पष्ट तकनीकी संकेत नहीं मिला है। इसलिए यह कहना कठिन है कि एलियन सभ्यता का पहला संकेत क्या होगा। फिलहाल खोज जारी है।

(द कन्वरसेशन) संतोष नेत्रपाल

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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