इन ऐप के जरिए क्रिप्टो में कर सकते हैं ट्रेडिंग-

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? और यह कैसे काम करती है? – What is Cryptocurrency in Hindi

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आज के इस डिजिटल युग और फ़ास्ट इंटरनेट के दौर में किसी भी जानकारी को प्राप्त करना इतना आसान हैं कि हर प्रकार की जानकारी लोगो तक इंटरनेट के माध्यम से एक दूसरे के द्वारा दूसरो तक पहुंच जाती है। क्रिप्टोकरेंसी उनमे से एक है जो काफी लोग Cryptocurrency के बारे में नहीं जानते या जानना चाहते है और Cryptocurrencies के पीछे भाग रहे हैं।

उमेश कुमार (SunCrypto के संस्थापक और C.E.O.) का कहना है कि भारत को प्रतिबंध के बजाय क्रिप्टो नियमों की आवश्यकता है।

क्रिप्टोकरेंसी एक ट्रेंडिंग टॉपिक है जिसमें हर कोई दिलचस्पी रखता है यहां तक कि वह व्यक्ति भी जो निवेश नहीं कर रहा है लेकिन लोगों को क्रिप्टोकरेंसी का विचार है। यदि भारत में क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधित हो जाती है तो यह उपयोगकर्ताओं को बहुत प्रभावित करेगी

18 जुलाई को भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई द्वारा दिखाई गई चिंताओं को प्रस्तुत किया। जहां यह सलाह दी गई कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी की अनिश्चितता और विकेंद्रीकृत व्यवहार के कारण इसे प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।

क्रिप्टोकरेंसी एक ट्रेंडिंग टॉपिक है जिसमें हर कोई दिलचस्पी रखता है, यहां तक कि वह व्यक्ति भी जो निवेश नहीं कर रहा है लेकिन लोगों को क्रिप्टोकरेंसी का विचार है। यदि भारत में क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधित हो जाती है तो यह उपयोगकर्ताओं को बहुत प्रभावित करेगी लेकिन एक्सचेंजों को और अधिक नुकसान होगा।

Cryptocurrency App: क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के लिए इन ऐप का करें इस्तेमाल, मिनटों में खरीद-बेच पाएंगे सिक्के

By: abp news | Updated at : 16 Nov 2021 10:44 AM (IST)

Cryptocurrency app (फाइल फोटो)

Cryptocurrency Exchange Apps: आजकल भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. इसमें पैसा लगाकर निवेशक करोड़पति हो रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी के जरिए बंपर कमाई हो रही है. ऐसे में अगर आप भी इसमें पैसा लगाने का प्लान बना रहे हैं तो अब आप यह काम आसानी से कर सकते हैं. आजकल मार्केट में कई ऐसे ऐप मौजूद हैं, जिसके जरिेए आप पैसा लगा सकते हैं. इन पर करेंसी को आसानी से खरीद और बेच सकते हैं.

इंटरफेस है काफी आसान
इन सभी ऐप में INR में ट्रेडिंग कर सकते हैं. इसके अलावा इसमें USD का ऑप्शन भी रहता है. इन ऐप के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों को लैपटॉप का इस्तेमाल करके क्रिप्टो को माइन करने की जरूरत नहीं है. इन सभी ऐप का इंटरफेस काफी आसान है. आप उसको आसानी से समझ सकते हैं. ये ऐप एंड्रॉयड और मोबाइल दोनों पर काम करते हैं. आपको बता दें भारत में क्रिप्टो की वैधता पर अभी तक कुछ साफ नहीं है यानी इसको कानूनी रूप से घोषित नहीं किया गया है.

दो तरह की होगी CBDC

– Retail (CBDC-R): Retail CBDC संभवतः सभी को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगी
– Wholesale (CBDC-W) : इसे सिर्फ चुनिंदा फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के लिए डिजाइन किया गया है

पिछले दिनों RBI ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) का उद्देश्य मुद्रा के मौजूदा रूपों को बदलने के बजाय डिजिटल मुद्रा को उनका पूरक बनाना और उपयोगकर्ताओं को भुगतान के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देना है। इसका मकसद किसी भी तरह से मौजूदा भुगतान प्रणालियों को बदलना नहीं है.। यानी आपके लेन-देन पर इसका कोई असर नहीं होने वाला है।

RBI को सीबीडीसी की शुरूआत से कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है, क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात जैसे कि नकदी पर निर्भरता कम होना, मुद्रा प्रबंधन की कम लागत और निपटान जोखिम क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात में कमी। यह आम जनता और व्यवसायों को सुरक्षा और तरलता के साथ केंद्रीय बैंक क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात के पैसे का एक सुविधाजनक, इलेक्ट्रॉनिक रूप प्रदान कर सकता है और उद्यमियों को नए उत्पाद और सेवाएं बनाने के लिए एक मंच प्रदान कर सकता है।

डिजिटल करेंसी के फायदे

देश में आरबीआई की डिजिटल करेंसी (E-Rupee) आने के बाद आपको अपने पास कैश रखने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल करेंसी आने से सरकार के साथ आम लोगों और बिजनेस के लिए लेनदेन क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात की लागत कम हो जाएगी। ये फायदे भी होंगे

बिजनेस में पैसों के लेनदेन का काम हो जाएगा आसान।

CBDC द्वारा मोबाइल वॉलेट की तरह सेकंडों में बिना इंटरनेट के ट्रांजैक्शन होगा

चेक, बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन का झंझट नहीं रहेगा।
नकली करेंसी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

पेपर नोट की प्रिंटिंग का खर्च बचेगा
एक डिजिटल मुद्रा की जीवन रेखा भौतिक नोटों की तुलना में अनिश्चित होगी

CBDC मुद्रा को फिजिकल तौर पर नष्ट करना, जलाया या फाड़ा नहीं जा क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात सकता है

अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तुलना में डिजिटल रुपये का एक अन्य प्रमुख लाभ यह है कि क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात इसे एक इकाई द्वारा विनियमित किया जाएगा, जिससे बिटकॉइन जैसी अन्य आभासी मुद्राओं से जुड़े अस्थिरता जोखिम को कम किया जा सकेगा।

क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल रुपी में अंतर

क्रिप्टोकरेंसी पूरी तरह से प्राइवेट है। इसे कोई मॉनिटर नहीं करता और इस पर किसी सरकार या सेंट्रल बैंक का कंट्रोल नहीं होता। ऐसी करेंसी गैरकानूनी होती हैं। लेकिन, RBI की डिजिटल करेंसी पूरी तरह से रेगुलेटेड है, जिसके सरकार की मंजूरी होगी। डिजिटल रुपी में क्वांटिटी की भी कोई क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात सीमा नहीं होगी। फिजिकल नोट वाले सारे फीचर डिजिटल रुपी में भी होंगे। लोगों को डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात रुपी को फिजिकल में बदलने की सुविधा होगी। क्रिप्टोकरेंसी का भाव घटता-बढ़ता रहता है, लेकिन डिजिटल रुपी में ऐसा कुछ नहीं होगा।

भारत में मुद्रा का डिजिटलीकरण मौद्रिक इतिहास में अगला मील का पत्थर है। ट्रांजेक्शन कॉस्ट घटने के अलावा CBDC की सबसे खास बात है कि RBI का रेगुलेशन होने से मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फंडिंग, फ्रॉड की आशंका नहीं होगी। इस डिजिटल करेंसी से सरकार की सभी अधिकृत नेटवर्क के भीतर होने वाले ट्रांजेक्शंस तक पहुंच हो जाएगी। सरकार का बेहतर नियंत्रण होगा कि पैसा कैसे देश में प्रवेश करता है और प्रवेश करता है, जो उन्हें भविष्य के लिए बेहतर बजट और आर्थिक योजनाओं के लिए जगह बनाने और कुल मिलाकर अधिक सुरक्षित वातावरण बनाने की अनुमति देगा।

RBI ने लॉन्च किया Digital Rupee: बिना इंटरनेट भी होगा पेमेंट, जानें क्रिप्टो से कैसे है अलग

(PC: Shutterstock)

RBI Digital Rupee: क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात डिजिटल रुपये (Digital Rupees) की सुगबुगाहट पिछले एक साल से हो रही थी। आखिरकार इसका पायलट प्रोजेक्ट 1 नवंबर से शुरू हो गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मंगलवार को डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया है। लेकिन, सभी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह क्रिप्टोकरेंसी जैसा होगा या उससे अलग? इसे किस तरह संचालित किया जाएगा? आइए जानते हैं कि कैसा होगा भविष्य का पैसा?

आखिरकार भारत में अपनी डिजिटल करेंसी की शुरुआत हो गई है। 1 नवंबर 2022 से होल्सेल ट्रांजैक्शन में इसका इस्तेमाल होगा। हालांकि, अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। डिजिटल रुपये अब आपकी पॉकेट में नहीं होगा। लेकिन, वर्चुअल वर्ल्ड में इसका इस्तेमाल आपके जरिए ही होगा। ये नोट की तरह जेब में रखने के लिए नहीं मिलेगा। इसका प्रिंट भी नहीं होगा। बल्कि टेक्नोलॉजी के जरिए आपके काम आएगा, जैसे- क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Cryptocurrency Bitcoin) का इस्तेमाल होता है। सरकार इसे पूरी तरह से लीगल टेंडर बनाएगी और मानेगी भी। इसमें निवेश भी आसान होगा और RBI इसे रेगुलेट करेगी। डिजिटल करेंसी में कई देशों की रुचि है। हालांकि,केवल कुछ ही देश अपनी डिजिटल करेंसी को विकसित करने के पायलट चरण क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात से आगे बढ़ने में कामयाब रहे हैं।

क्या है डिजिटल रुपया?

भारतीय रिजर्व बैंक का क्रिप्टोकरेंसी की शुरुवात कहना है कि सीबीडीसी डिजिटल रूप में केंद्रीय बैंक द्वारा जारी एक लीगल मुद्रा है। आरबीआई की वेबसाइट के अनुसार 'यह कागजी मुद्रा के समान है और कागजी मुद्रा के साथ इसका विनिमय किया जा सकेगा। केवल इसका रूप अलग है'। बता दें, अभी हम भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी 100, 200 रुपये के नोट्स और सिक्के का उपयोग करते हैं। इसी का डिजिटल स्वरूप ही डिजिटल रुपया कहलाएगा। टेक्निकल भाषा में इसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) भी कह सकते हैं। यह रुपये का इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म है, जिसका उपयोग हम बिना स्पर्श किए (कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शन) करेंगे।

  • CBDC देश का डिजिटल टोकन होगा
  • बिजनेस में पैसों के लेनदेन में आसानी होगी
  • चेक और बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन का कोई झंझट नहीं
  • मोबाइल से सेकेंडों में पैसा होगा ट्रांसफर
  • नकली करेंसी का कोई डर नहीं
  • पेपर नोट के प्रिटिंग का खर्च बचेगा
  • CBDC को डैमेज नहीं किया जा सकेगा

लेन-देन पर रहेगी आरबीआई की नजर

ट्रांजेक्शन कॉस्ट घटने के अलावा, इस डिजिटल करेंसी से सरकार की सभी अधिकृत नेटवर्क के भीतर होने वाले लेनदेन तक पहुंच हो जाएगी। इस प्रकार देश में आने और देश से बाहर जाने वाले पैसों पर ज्यादा कंट्रोल होगा।

डिजिटल रुपी मौजूदा करेंसी नोट की व्यवस्था को खत्म करने के लिए नहीं आ रही है बल्कि यह लोगों को लेनदेन में एक और ऑप्शन देगा। करेंसी नोट वाली व्यवस्था और डिजिटल रुपी वाली व्यवस्था दोनों चलेंगी। इससे कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल रुपया कुछ इस तरह से लाया जाएगा कि बिना इंटरनेट के भी इसका पेमेंट किया जा सकेगा। यानी जब कभी ये आम लोगों के उपयोग में आए तो वह इसका उपयोग ऑफलाइन भी कर पाएंगे। इसका मकसद ये भी होगा कि ऐसे लोग जिनके पास बैंक खाता नहीं है वो भी इसका इस्तेमाल कर सकें।

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