रिजर्व बैंक ने इससे पहले 3 फरवरी 2022 को भी अपनी तरफ से बयान जारी करके आम लोगों को हिदायत दी थी कि वे किसी भी अनधिकृत ETP विदेशी मुद्रा के जरिए किसी तरह का लेनदेन न करें. साथ ही लोगों को किसी भी तरह के अनधिकृत फॉरेक्स ट्रांजैक्शन से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई थी. लेकिन यह स्पष्टीकरण जारी करने के बावजूद रिजर्व बैंक के पास अब भी ऐसे रेफरेंस आते रहते हैं, जिनमें किसी ETP की कानूनी स्थिति के बारे में जानकारी मांगी जाती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब RBI ने अपनी वेबसाइट पर अनधिकृत एंटिटीज़ और वेबसाइट्स की अलर्ट लिस्ट डालने का फैसला किया है. हालांकि इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई एंटिटी या वेबसाइट इस अलर्ट लिस्ट में शामिल नहीं है, तो इसका ये मतलब नहीं कि वो अधिकृत है. इस लिस्ट में सिर्फ उन्हीं एंटिटीज़ के नाम शामिल हैं, जिनके बारे में रिजर्व बैंक को यह बयान जारी करते समय मालूम था.

RBI Alert List : इन ऐप्स और वेबसाइट्स से सावधान ! इन पर किया फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शन तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई

RBI Alert List : इन ऐप्स और वेबसाइट्स से सावधान ! इन पर किया फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शन तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई

RBI की अलर्ट लिस्ट में शामिल 34 एंटिटीज़ को विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने या ETP ऑपरेट करने की इजाजत नहीं दी गई है.

RBI Alert List of entities not authorised to deal in forex: अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट के जरिए फॉरेन एक्सचेंज से जुड़ा लेनदेन करते हैं या करने की सोच रहे हैं, जिसके कानूनी तौर पर वैध होने के बारे में आपको क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? पक्के तौर पर कुछ पता नहीं है, तो सावधान हो जाइए. रिजर्व बैंक ने ऐसी 34 एंटिटीज़ और उनकी वेबसाइट्स की अलर्ट लिस्ट जारी की है, जिनके जरिए विदेशी मुद्रा से जुड़ा कोई भी लेनदेन करने पर आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

रिजर्व बैंक की चेतावनी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से बुधवार को जारी एक बयान में बताया गया है कि अलर्ट लिस्ट में शामिल इन 34 एंटिटीज़ या वेबसाइट्स को विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने या फॉरेक्स ट्रांजैक्शन्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ETP) ऑपरेट करने की कोई इजाजत नहीं दी गई है. लिहाजा इनका इस तरह की गतिविधियां संचालित करना पूरी क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? तरह से गैरकानूनी हैं. रिजर्व बैंक ने यह चेतावनी भी दी है कि इन वेबसाइट्स के जरिए किसी भी तरह का विदेशी मुद्रा से जुड़ा लेनदेन करना न सिर्फ जोखिम भरा है, बल्कि ऐसा करने वाले के खिलाफ 1999 के विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

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प्रवर्तन निदेशालय

Swachh Bharat

प्रवर्तन निदेशालय एक बहुअनुशासनिक संगठन है जो धन शोधन के अपराध और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच के लिए अधिदेशित है। निदेशालय के वैधानिक कार्यों में निम्नलिखित अधिनियमों का प्रवर्तन शामिल है:

1. धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002(पीएमएलए): यह एक आपराधिक कानून है जिसे धन शोधन को रोकने के लिए और धन शोधन से प्राप्त या इसमें शामिल संपत्ति की जब्ती का प्रावधान करने के लिए तथा उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए अधिनियमित किया गया है। प्रवर्तन-निदेशालय को अपराध की आय से प्राप्त संपत्ति का पता लगाने हेतु अन्वेषण करने, संपत्ति को अस्थायी रूप से संलग्न करने और अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने और विशेष अदालत द्वारा संपत्ति की जब्ती सुनिश्चित करवाते हुए पीएमएलए के प्रावधानों के प्रवर्तन की जिम्मेदारी दी गई है।

कानून जानें: अगर विदेशी करेंसी में करते है व्यापार तो रखें बातों का ध्यान

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विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 भारत में विदेशी मुद्रा से संबंधित समेकित कानून है. यह बाहरी व्यापार और भुगतान की सुविधा प्रदान करता है और भारत में विदेशी मुद्रा बाजार के व्यवस्थित विकास और रखरखाव को बढ़ावा देता है.फेमा का मुख्य उद्देश्‍य देश के विदेशी मुद्रा संसाधनों का संरक्षण तथा उचित उपयोग करना था. इसका उद्देश्‍य भारतीय कंपनियों द्वारा देश के बाहर तथा भारत में विदेशी कंपनियों द्वारा व्‍यापार के संचालन के कुछ पहलुओं को नियंत्रित करना भी है. यह एक आपराधिक विधान था, जिसका अर्थ था कि इसके उल्‍लंघन के परिणामस्‍वरूप कारावास तथा भारी अर्थ दंड के भुगतान की सजा दी जाएगी.

फेमा की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल हैं:

यह पूर्णरूप से चालू खाते की परिवर्तनीयता के अनुरूप है और इसमें पूंजी खाते के लेन-देन हेतु प्रगतिशील उदारीकरण के प्रावधान हैं.

इसकी आवेदन प्रक्रिया बहुत पारदर्शी है और इसमें विदेशी मुद्रा के अधिग्रहण/ जमाखोरी पर रिजर्व बैंक या भारत सरकार के निर्देश बिलकुल स्पष्ट हैं.

फेमा के क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? तहत विदेशी मुद्रा लेनदेन को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है:

पूंजी खाता
चालू खाता

  1. यह भारत में रहने वाले एक व्यक्ति को पूरी स्वतंत्रता प्रदान करता है कि वह भारत के बाहर संपत्ति को खरीद सकता है मालिक बन सकता है और उसका मालिकाना हक़ भी किसी और को दे सकता है (जब वह विदेश में रहता था)
  2. यह अधिनियम एक सिविल कानून है और अधिनियम के उल्लंघन के मामले में असाधारण मामलों केवल गिरफ्तारी हो सकती है.
  3. फेमा, भारत के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिक पर लागू नहीं होती है.

फेमा को विदेशी मुद्रा लेनदेन में आसानी लाने के लिए अधिनियमित किया गया है क्योंकि भारत में विदेशी निवेश के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक हैं.

अधिनियम में निर्दिष्ट विदेशी लेनदेन के लिए आरबीआई से अनुमति की आवश्यकता वाले कुछ लेन-देन में शामिल हैं:

नहीं चलेगी Dollar की दादागिरी, रुपये में होगा इंटरनेशनल ट्रेड, भारत को होंगे ये फायदे!

भारत को होंगे कई फायदे (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2022,
  • (अपडेटेड 12 जुलाई 2022, 9:58 AM IST)
  • अब रुपये में भी होगा इंटरनेशनल ट्रेड
  • पूरी दुनिया में बढ़ेगा रुपये का महत्व

बदलते वैश्विक घटनाक्रमों (Global Events) के चलते भारत का व्यापार घाटा (India Trade Deficit) नियंत्रण करना मुश्किल हो रहा है. इस कारण रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने एक ऐसा कदम उठाने का ऐलान किया है, जिसकी मांग कई अर्थशास्त्री (Economists) लंबे समय से कर रहे थे. सेंट्रल बैंक ने अंतत: तय कर लिया कि अब इंटरनेशनल ट्रेड का सेटलमेंट (International Trade Settlement) रुपये में भी होगा. जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस कदम से जहां एक ओर डॉलर पर भारत की निर्भरता (Dollar Dependence) कम होगी, वहीं दूसरी ओर यह क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? व्यापार घाटे को कम करने में मददगार साबित हो सकता है.

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इस तरह होगा रुपये में इंटरनेशनल ट्रेड

रिजर्व बैंक ने इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि यह वैश्विक व्यापार (Global Trade) को बढ़ावा देने और भारतीय रुपये में वैश्विक व्यापारिक समुदाय की बढ़ती दिलचस्पी को सपोर्ट करने के लिए उठाया गया कदम है. इस व्यवस्था को अमल में लाने से पहले मंजूरी प्राप्त डीलर बैंकों को रिजर्व क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? बैंक के फॉरेन एक्सचेंज डिपार्टमेंट से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत होगी. इस व्यवस्था के क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? तहत दो देशों की मुद्रा की विनिमय दर बाजार पर निर्भर रह सकती है. जो भारतीय आयातक इस व्यवस्था के तहत आयात करेंगे, उन्हें रुपये में भुगतान करना होगा. रुपये में प्राप्त भुगतान पार्टनर कंट्री के संबंधित बैंक के स्पेशल वॉस्ट्रो अकाउंट में जमा होगा. वहीं जो भारतीय निर्यातक इस व्यवस्था को अपनाएंगे, वे भी पार्टनर कंट्री के संबंधित बैंक के स्पेशल वॉस्ट्रो अकाउंट में रुपये में ही भुगतान लेंगे.

भारत की संसद द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम ( FEMA ) कब पारित किया गया था?

प्रमुख बिंदु

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम ( FEMA )
    • यह विनियमों का एक समूह है जो भारतीय रिजर्व बैंक को विनियम पारित करने का अधिकार देता है और भारत सरकार को भारत की विदेश व्यापार नीति क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? के संबंध में विदेशी मुद्रा से संबंधित नियमों को पारित करने में सक्षम बनाता है।
    • 1973 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) की जगह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) भारत सरकार द्वारा 1999 में पेश किया गया था।
    • इसे 29 दिसंबर 1999 को पारित किया गया था।
    • FEMA 1 जून 2000 को एक अधिनियम बन गया।
    • FEMA ने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) नामक एक अधिनियम को प्रतिस्थापित किया। FERA (विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) कानून 1973 में पारित किया गया था।
    • मुख्य उद्देश्य जिसके लिए FEMA पेश किया गया था, वह बाहरी व्यापार और भुगतान की सुविधा प्रदान करना था।
    • यह केंद्र सरकार को देश के बाहर स्थित किसी व्यक्ति को भुगतान के प्रवाह को विनियमित करने की शक्ति देता है।
    • यह अधिनियम विश्व व्यापार संगठन (विश्व व्यापार संगठन) के ढांचे के अनुरूप है।
    • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के अनुमोदन के बिना विदेशी प्रतिभूतियों या विनिमय से संबंधित कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं किया जा सकता है।
    • फेमा को भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार के व्यवस्थित विकास और रखरखाव में सहायता के लिए भी तैयार किया गया था ।
    • FEMA अधिनियम के तहत, भुगतान संतुलन विभिन्न देशों के नागरिकों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और परिसंपत्तियों के लेन-देन का रिकॉर्ड क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार करना कानूनी है? है।
    • इसे मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा गया है, यानी पूंजी खाता और चालू खाता।
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