विदेशी मुद्रा भंडार 99.7 करोड़ घटकर 638.64 अरब डॉलर

मुंबई (एजेंसी)। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 24 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 99.7 करोड़ डॉलर कम होकर लगातार तीसरे सप्ताह गिरते हुए 638.64 करोड़ डॉलर पर आ गया जबकि इसके पिछले सप्ताह यह 1.47 अरब डॉलर घटकर 639.6 अरब डॉलर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 24 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.25 अरब डॉलर कम होकर 576.73 अरब डॉलर रहा।

इस दौरान स्वर्ण भंडार 32.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.43 अरब डॉलर पर रहा। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.5 करोड़ डॉलर घटकर 19.38 अरब डॉलर पर रहा। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि 1.3 करोड़ डॉलर कम होकर 5.1 अरब डॉलर रह गया।

सोना 595 और चांदी में 370 विदेशी मुद्रा मिनी रुपये की साप्ताहिक तेजी

वैश्विक बाजार में कीमती धातु में तेजी के बल पर बीते सप्ताह घरेलू सरार्फा बाजार में सोना 595 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी में 370 रुपये प्रति किलोग्राम की साप्ताहिक तेजी रही। वैश्विक बाजार में सोना हाजिर 10.35 डॉलर प्रति औंस की बड़ी बढ़त लेकर सप्ताहांत पर 1760.36 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। साथ ही अमेरिकी सोना वायदा भी 10.2 डॉलर प्रति औंस टूटकर 1757.90 डॉलर प्रति औंस रहा। हालांकि इस दौरान चांदी हाजिर 22.52 डॉलर प्रति पर सपाट रही।

बीते सप्ताह विदेशी बाजारों की चाल ने घरेलू बाजार की दिशा तय की। देश के सबसे बड़े वायदा बाजार एमसीएक्स में सोना 595 रुपये चढ़कर सप्ताहांत विदेशी मुद्रा मिनी पर 46506 रुपये प्रति दस ग्राम और सोना मिनी 373 रुपये चमककर 46315 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। समीक्षाधीन अवधि में स्थानीय स्तर पर मांग तेज रहने से चांदी 370 रुपये की उछाल के साथ 60550 रुपये प्रति किलोग्राम और चांदी मिनी 274 रुपये महंगी होकर 60715 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही।

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श्रीलंका में और गहराया आर्थिक संकट, 50 मिलियन डॉलर से नीचे आ गया विदेशी भंडार, वित्त मंत्री ने संसद में लहराया लाल झंडा

श्रीलंका दिवालिया होने की कगार पर है और उसने विदेशी ऋणों पर भुगतान को निलंबित कर दिया है, जो इस साल अनुमानित 8.6 अरब डॉलर के साथ कुल 50 अरब डॉलर से अधिक है. फरवरी में विदेशी मुद्रा भंडार अनुमानित 2.31 अरब डॉलर था. मार्च तक यह गिरकर 1.93 अरब डॉलर पर आ गया था.

श्रीलंका में और गहराया आर्थिक संकट, 50 मिलियन डॉलर से नीचे आ गया विदेशी भंडार, वित्त मंत्री ने संसद में लहराया लाल झंडा

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका की आर्थिकि स्थिति दिनों दिन और खराब होती जा रही है. देश के वित्त मंत्री अली साबरी (Ali Sabry) ने बुधवार को संसद में कहा कि श्रीलंका का विदेशी भंडार 50 मिलियन डॉलर से भी नीचे आ गया है. साथ ही उन्होंने संसद में लाल झंडा भी लहराया. उन्होंने कहा कि विदेशी भंडार में कमी के चलते लोगों के लिए भोजन, ईंधन और अन्य आवश्यक सामान प्रदान करने और बड़े पैमाने पर विदेशी ऋण चुकाने की क्षमता पर चिंता बढ़ गई है. साबरी ने कहा कि हम ढाई गुना अधिक खर्च कर चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि साल 2021 में टोटल इंकम 1500 बिलियन (श्रीलंकन रुपया) था और खर्च 3522 बिलियन (श्रीलंकन रुपया) था.

उन्होंने सांसदों को आगाह करते हुए कहा कि विश्व बैंक (World Bank) या आईएमएफ (IMF) की सहायता से गंभीर समस्याओं का समाधान नहीं होगा. साबरी ने कहा कि आईएमएफ कोई ‘अलादीन का चिराग’ नहीं है.’ साबरी ने संसद को बताया कि श्रीलंका को आईएमएफ से बहुत पहले ही सहायता मांगनी चाहिए थी और आईएमएफ कार्यक्रम में प्रवेश करने में कम से कम छह महीने लगेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को रुपया पहले भी जारी करना चाहिए था. वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रिजिंग फाइनेंस प्राप्त करने के लिए कई देशों के साथ चर्चा चल रही है. बता दें कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए श्रीलंका को कम-से-कम चार अरब डॉलर की जरूरत है. वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए साबरी विश्व बैंक के साथ-साथ चीन और जापान से भी बात कर रहे हैं.

दिवालिया होने की कगार पर श्रीलंका

वित्त मंत्री ने कहा कि 2019 के अंत तक श्रीलंका का विदेशी भंडार 7 बिलियन डॉलर था. उन्होंने कहा कि सरकार का कर राजस्व सकल घरेलू उत्पाद का 8.7 प्रतिशत हो गया है. साबरी ने कहा कि बजट 2022 अब यथार्थवादी नहीं है और सरकार को जल्द ही संसद में एक नया बजट प्रस्ताव पेश करने की उम्मीद है. श्रीलंका दिवालिया होने की कगार पर है और उसने विदेशी ऋणों पर भुगतान को निलंबित कर दिया है, जो इस साल अनुमानित 8.6 अरब डॉलर के साथ कुल 50 अरब डॉलर से अधिक है. फरवरी में विदेशी मुद्रा भंडार अनुमानित 2.31 अरब डॉलर था. मार्च तक यह गिरकर 1.93 अरब डॉलर पर आ गया था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि दो साल में कुल भंडार 70 प्रतिशत तक गिर गया है.

विश्व बैंक ने कहा था श्रीलंका में इस साल बढ़ेगी करीबी

पिछले महीने विश्व बैंक ने चेतावनी दी थी कि इस साल श्रीलंका में गरीबी बढ़ेगी. इसके साथ ही वैश्विक निकाय ने श्रीलंका से भारी कर्ज में कटौती, राजकोषीय घाटे को कम करने और गरीबों तथा कमजोरों को राहत देने की अपील की थी. विश्व बैंक ने कहा था, ‘श्रीलंका में लगभग 11.7 प्रतिशत लोग प्रतिदिन 3.20 अमेरिकी डॉलर से कम कमाते हैं, जो निम्न-मध्यम आय वाले देशों के लिए गरीबी रेखा है. यह संख्या 2019 के मुकाबले 9.2 प्रतिशत अधिक है.’ विश्व बैंक ने कहा कि देश में गरीबी बढ़ने की एक वजह यह भी है कि सरकार का समृद्धि कार्यक्रम पर्याप्त नहीं था. इसके तहत देश में लगभग 12 लाख गरीब परिवारों को शामिल किया गया. कोरोना महामारी के चलते श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था 2020 में करीब 3.6 प्रतिशत घटी.

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गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा श्रीलंका

श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. यह संकट कुछ हद तक विदेशी मुद्रा की कमी के चलते है, जिसकी वजह से खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान करने में दिक्कत हो रही है.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में दो पैसे की कमजोरी

विदेशी मुद्रा डीलरों का कहना है कि आयातकों की डालर के लिये मांग बढ़ी है. विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों में भी डालर को मजबूती मिली है. इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में दो पैसे की कमजोरी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में दो पैसे विदेशी मुद्रा मिनी की कमजोरी (प्रतीकात्मक फोटो)

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों में अमेरिकी डालर के मजबूत होने का असर यहां भी दिखाई दिया. कारोबार की शुरुआत में यहां डालर के मुकाबले रुपया दो पैसे गिरकर 64.91 रुपये प्रति डालर रहा. विदेशी मुद्रा डीलरों का कहना है कि आयातकों की डालर के लिये मांग बढ़ी है. विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों में भी डालर को मजबूती मिली है. इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है.

कारोबार की शुरुआत में घरेलू मुद्रा दो पैसे गिरकर 64.91 रुपये प्रति डालर रही. कल कारोबार की समाप्ति पर रुपया सात पैसे बढ़कर एक सप्ताह के उच्चस्तर 64.89 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था। निर्यातकों और बैंकों की डालर बिकवाली से इसमें मजबूती आई थी.

बहरहाल, आज मुंबई शेयर बाजार में भी कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है. बीएसई सेंसेक्स कारोबार के शुरुआती दौर में 273.75 अंक यानी 0.82 प्रतिशत बढ़कर 33,306.84 अंक पर पहुंच गया.

'मिनी हिंदुस्तान' है यह देश, यहां के 37 फीसदी लोग हैं भारतीय और बोलते हैं हिंदी

'मिनी हिंदुस्तान' है यह देश

दुनिया के लगभग हर देश में, हर कोने में भारतीय रहते हैं। कुछ-कुछ देश तो ऐसे हैं जहां भारतीयों की आबादी बहुत ज्यादा है। ऐसे देशों को अगर हम 'मिनी हिंदुस्तान' कहें तो गलत नहीं होगा। दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलानेशिया में भी ऐसा ही एक द्वीपीय देश है, जहां की करीब 37 फीसदी आबादी भारतीय है और वो सैकड़ों साल से इस देश में रहते चले आ रहे हैं। यही वजह है कि यहां की राजभाषा में हिंदी भी शामिल है, जो अवधी के रूप में विकसित हुई है।

फिजी द्वीपसमूह

इस देश का नाम है फिजी। यहां प्रचुर मात्रा में वन, खनिज और जलीय स्रोत हैं। यही वजह है कि फिजी को प्रशांत महासागर के द्वीपों मे सबसे उन्नत राष्ट्र माना जाता है। यहां विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा स्त्रोत पर्यटन और चीनी का निर्यात है। फिजी द्वीप समूह अपने द्वीपों की खूबसूरती की वजह से ही दुनियाभर में मशहूर है और इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने भी आते हैं।

फिजी द्वीपसमूह

ब्रिटेन ने वर्ष 1874 में इस द्वीप को अपने नियंत्रण में लेकर इसे अपना एक उपनिवेश बना लिया था। इसके बाद वो हजारों भारतीय मजदूरों को यहां पांच साल केअनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर गन्ने के खेतों में काम करने के लिए ले आए थे और उनके सामने ये शर्त रख दी थी कि पांच साल पूरा होने के बाद अगर वो जाना चाहें तो जा सकते हैं, लेकिन अपने खर्चों पर और अगर वो पांच साल और काम करते हैं तो उसके बाद उन्हें ब्रिटिश जहाज भारत पहुंचाएंगे। ऐसे में ज्यादातर मजदूरों ने काम करना ही उचित समझा था, लेकिन बाद में वो भारत लौट नहीं पाए और फिजी के ही होकर रह गए। हालांकि 1920 और 1930 के दशक में हजारों भारतीय स्वेच्छा से आकर भी यहां बस गए थे।

फिजी द्वीपसमूह

फिजी द्वीपसमूह में कुल 322 द्वीप हैं, जिनमें से 106 द्वीप ही स्थायी रूप से बसे हुए हैं। यहां के दो प्रमुख द्वीप विती लेवु और वनुआ लेवु हैं, जिन पर इस देश की लगभग 87 फीसदी आबादी निवास करती है। फिजी के अधिकांश द्वीपों का निर्माण 15 करोड़ साल पहले ज्वालामुखीय विस्फोटों के कारण हुआ है। यहां अभी भी कई ऐसे द्वीप हैं, जहां अक्सर ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं।

श्री शिव सुब्रमन्या हिंदू मंदिर, फिजी

बड़ी संख्या में भारतीयों के होने की वजह से इस देश में कई हिंदू मंदिर भी हैं। यहां का सबसे बड़ा मंदिर नादी शहर में स्थित है, जिसे श्री शिव सुब्रमन्या हिंदू मंदिर के नाम से जाना जाता है। फिजी में रहने वाले हिंदू हिंदुस्तान की तरह ही रामनवमी, होली और दिवाली जैसे त्योहार भी मनाते हैं।

इंटरनेट बैंकिंग हेल्पडेस्क

मिस्ड कॉल नंबर : 72878 88887 - ई-विवरण - पिछले 30 दिनों की अवधि के लिए खाते का विवरण (पीडीएफ) कॉलर के पंजीकृत ईमेल आईडी पर कॉलर के मोबाइल नंबर से जुड़े सभी एसबी / सीए / सीसी विदेशी मुद्रा मिनी खातों के लिए भेजा जाएगा।(प्रत्येक खाते के लिए अलग ईमेल भेजा जाएगा)

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