Stop Loss

Stop Loss क्या होता है – स्टॉप लोस क्या है – Share पर स्टॉप लोस कि पूरी जानकारी

शेयर मार्किट में जब हम ट्रेडिंग करते है तो Stop Loss हमारे लिए सबसे ज्यादा कीमती चीज़ होती है . स्टॉप लोस का उपयोग सबसे ज्यादा ट्रेडर्स करते है .

वो लोग जो Intraday Trading करते है या अन्य प्रकार कि ट्रेडिंग करते है उनके लिए स्टॉप लोस बहुत जरुरी है .

स्टॉप लोस को समझने के लिए आपको ट्रेडिंग के बारे में पूरी जानकारी होना चाहिए. बिना ट्रेडिंग कि जानकारी के आप stop loss को ठीक से नहीं समझ पाएँगे .

तो अगर आप ट्रेडिंग के बारे में जानना चाहते है कि ट्रेडिंग क्या है या ट्रेडिंग कैसे करते है एवं इंट्राडे या डे ट्रेडिंग कैसे करे तो हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़े .

अगर आप ट्रेडिंग और इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में जान गए है तो चलिए अब जानते है Stop Loss शब्द के बारे में कि stop loss का मतलब क्या है.

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Stop Loss Meaning in Hindi

Stop Loss का Meaning हिंदी में = “रुका नुक्सान” होता है , आसान भाषा में समझे तो एक ऐसी इस्थिती जहाँ पर नुकसान रुक जाये .

चलिए अब जानते है stop loss के बारे में कि स्टॉप लोस क्या होता है .

Stop Loss Kya Hota Hai

ट्रेडिंग में stop loss एक ऐसा विकल्प होता है जिसकी मदद से आप एक कीमत को तय करते है जहाँ पर जाकर आपका नुकसान रुक जाये .

उदाहरण के लिए मान लेते है कि आपने 125 रूपए प्रति शेयर कि कीमत से शेयर ख़रीदे और आपको लगता है कि जिस कंपनी के शेयर अपने ख़रीदे है उनकी कीमत बढ़ेगी .

कीमत बढ़ कर 140 रूपए प्रति शेयर तक जाएगी. लेकिन तभी Share कि Price घटना शुरू हो गई और गिरते-गिरते शेयर कि कीमत 100 रूपए प्रति शेयर हो गई .

अब आपको पता चला कि इस कंपनी के शेयर कि कीमत आज बढ़ने कि जगह और घटेगी, ऐसी इस्थिती में अपने सोचा कि चलो अब शेयर को 100 रूपए प्रति शेयर कि कीमत पर बैच देते है ताकि ज्यादा नुकसान न हो .

लेकिन जब तक आप शेयर को बेचने के लिए तैयार हुए तब तक शेयर कि कीमत और घट गई और अब शेयर कि कीमत घट कर 90 रूपए प्रति शेयर हो गई .

अब ऐसी इस्थिती में आपको 35 रूपए प्रति शेयर का नुकसान हो गया.

लेकिन अगर अपने यहाँ stop loss लगाया होता तो आपको इतना नुकसान नहीं होता , क्योंकि आपके stop loss कि कीमत तक पहुच कर आपके ट्रेडिंग अकाउंट से शेयर अपने आप बाजार में बिक जाते .

Stop Loss लगाने से क्या होगा

उदाहरण के लिए अपने जो शेयर 125 रूपए प्रति शेयर कि कीमत पर ख़रीदे है उनपर आप ने 100 रूपए प्रति शेयर कि कीमत पर Stop Loss लगा दिया.

अब मान लेते है कि उस शेयर कि कीमत गिरना शुरू हो गई और गिरते-गिरते 100 रूपए प्रति शेयर पर पहुच गई . तो आपके ट्रेडिंग अकाउंट से शेयर तुरंत 100 रूपए प्रति शेयर कि कीमत पर बिक जायेंगे . इस तरह आपको केवल 25 रूपए प्रति शेयर का नुकसान होगा.

अब आप जान गए है कि स्टॉप लोस क्या होता है एवं स्टॉप लोस क्या है. अगर आप ट्रेडिंग करने के लिए जानना चाहते है कि ट्रेडिंग करते समय stop loss कैसे लगते है तो उसके लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट पढ़े .

अगर आप के मान में Stop Loss Kya Hota Hai से जुड़े कोई सवाल है जो आप पूछना चाहते है तो comment करके पूछ सकता है हम आपको तुरंत जबाब देंगे .

स्टॉप लॉस कहां होना चाहिए

आप स्टॉप-लॉस के लिए यह एरर तब देखेंगे जब ऑर्डर के लिए स्टॉप लॉस कहां होना चाहिए ट्रिगर और लिमिट प्राइस गलत एंटर किये गए हैं। एक स्टॉप-लॉस ऑर्डर में ट्रिगर प्राइस और लिमिट प्राइस डालना होता है। जब ट्रिगर प्राइस आ जाता है , आपका ऑर्डर लिमिट प्राइस में प्लेस हो जाता है। आप इन स्तिथियों में यह एरर देखेगे :

  • Buy stop-loss orders : यदि स्टॉप-लॉस का ट्रिगर प्राइस लिमिट प्राइस से ज्यादा है।
  • Sell stop-loss orders : यदि स्टॉप-लॉस ट्रिगर प्राइस लिमिट प्राइस से कम है।

यदि ऊपर दिए गए अनुसार ऑर्डर डाले जाते हैं, तो ऑर्डर पेंडिंग ऑर्डर की तरह प्लेस रहेगा और एक्सेक्यूटे नहीं होगा।

उदाहरण के साथ

मान लीजिये कि आप एक स्टॉक होल्ड करते है जो ₹100 में ट्रेड हो रहा है और इसमें आप ₹95 में ट्रिगर प्राइस और ₹96 में लिमिट सेलिंग प्राइस डालते हैं। क्योंकि यह लिमिट ऑर्डर करंट मार्केट प्राइस से ज्यादा है यह पेंडिंग ऑर्डर में बदल जायेगा और एक्सेक्यूटे नहीं होगा। यह ऑर्डर ज्यादातर केसेस में तभी एक्सेक्यूटे होगा जब लिमिट ऑर्डर ₹95 से कम होगा।
ध्यान दीजिये कि जब आप खरीदने का SL ऑर्डर डालते हैं तो ट्रिगर प्राइस लिमिट प्राइस से कम(या बराबर) होना चाहिए और बेचने का SL ऑर्डर डालते समय ट्रिगर प्राइस लिमिट प्राइस से ज्यादा होना चाहिए। देखिये स्टॉप लॉस आर्डर क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते है?

क्या आप जानते हैं ? आप स्टॉप-लॉस मार्केट (SL-M) ऑर्डर का उपयोग कर सकते हैं जहां ट्रिगर हिट होने के बाद ऑर्डर मार्केट प्राइस पर प्लेस हो जाता है। इस तरह आपको स्टॉप-लॉस एक्सेक्यूटे नहीं होने के एरर सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, ऑप्शंस के लिए स्टॉप-लॉस मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते है। देखिये स्टॉप लॉस ऑर्डर क्या हैं और उनका उपयोग कैसे करें?

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How to Set Up Stop Loss and Target | स्टॉप लॉस और टारगेट कैसे सेट करें

How-to-Set-Up-Stop-Loss-and-Target

आज इस पोस्ट में आपको सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट बताने जा रहा हूं जिसको लेकर हर कोई ट्रेडर परेशान हैं खासकर वो नए ट्रेडर जो मार्केट में अभी जल्द ट्रेडिंग करना शुरू किए है. इसमें हम जानेंगे कि ट्रेड लेते समय स्टॉप लॉस और टारगेट कैसे लगाए. How to set Stop Loss and Target in stock.

कई ऐसे ट्रेडर है जो मार्केट में कोई भी ट्रेड लेने से पहले वे पूरा रिसर्च करते है. अपना strategies भी लगा लेते हैं. ट्रेंड लेने के बाद उन्हें प्रॉफिट भी होता है. परंतु टारगेट ना मालूम होने के वजह से बड़ा प्रोफिट बनाने का मौका गंवा देते हैं. ऐसे ही ट्रेड लेते समय स्टॉप लॉस लगाने का तरीका ना मालूम होने के वजह से लॉस कर लेते हैं. या तो स्टॉप लॉस तुरंत हिट हो जाते हैं.

Table of Contents

Best stop loss strategy for intraday

ट्रेड प्रोफिट में चल रहा होता हैं. लेकिन प्रॉफिट कहां बुक करना है, ये चीज नहीं पता होने के कारण ट्रेडर अपना लॉस कर लेते हैं. और कई ऐसे भी ट्रेडर का सवाल होता है कि स्टॉप लॉस नहीं लगाया था और एक पॉइंट्स स्टॉक नीचे ही गया था और स्टॉप लॉस लगाने के बारे में सोच ही रहा था की स्टॉक उससे पहले ही नीचे चला गया. ये सब चीजें आपके साथ होती है और अच्छे खासे ट्रेड को आप लॉस में बदल देते हैं.

अगर आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ते हैं, तो स्टॉप लॉस कैसे लगाए, कैसे ट्रेड लेना चाहिए, एक्सपर्ट ट्रेडर कौन सी चीज दिमाग में सोच कर ट्रेड लेते हैं. ऐसा नहीं कि कोई चीज सुनी है तो वही चीज तुरंत पूरी की पूरी कॉपी पेस्ट करनी है. कभी–कभी अपना दिमाग भी लगाना होता है ट्रेड में कुछ भी हो सकता है प्लान A के साथ प्लान B भी होना जरूरी है. हालांकि आपको प्लान B पर तभी जाना है जब प्लान A आपके लिए काम नहीं कर रहा हो.

Important Points

  • Don’t take a trade when the Candle is too big. (More than 1%)
  • If the stock goes down after taking a position, you can also check if the 50% fib Retracement is crossed.
  • Always check previous support and resistance point if any
  • Stop Loss and Target should be decided before entering any trade.
  • Pivot Point indicators are very useful if you are a beginner.
  • Risk to Reward Ratio should always be 1:1 if you are a beginner.
  • Experienced traders can keep 1:2 and Trail Stop Loss.
  • Stop Loss should be the previous candle low or high depending on buy or sell.

महत्वपूर्ण पॉइंट

  • जब कैंडल बड़ी बनी हो तो आपको ट्रेड नहीं लेना है. अब आप सोच रहे होंगे कि कितनी बड़ी हो. तो आपको बता दें, यदि कैंडल 1% से बड़ी बनती दिखे. तो आपको को ट्रेड नहीं लेना हैं. आपको ट्रेड में एंट्री तभी लेना हैं जब कैंडल 1% से नीचे हों जैसे 0.5%, 0.8% या फिर 0.9% तक का भी ले सकते हैं.
  • यदि ट्रेड में एंट्री लेने के बाद स्टॉक नीचे जाता है, तो आप यह चेक कर सकते हैं कि 50% fib Retracement पार हुआ है या नहीं। मान लीजिए आपने ट्रेड ले लिया है और हो सकता है कैंडल आपके अनुसार ना move करे और अगली कैंडल Red बन जाए और स्टॉक नीचे जाने लगे. अब आप क्या करेंगे? क्योंकि आपके पास समय भी कम और तुरंत एक्शन भी लेना हैं. आपने स्टॉप लॉस स्टॉप लॉस कहां होना चाहिए भी लगा दिया है. लेकिन आपको Fibonacci Retracement से भी check करना जरूरी है ये कैसे देखना है नीचे चार्ट में देख सकते हैं.

fibonacci Retracement

  • Buy या Sell के आधार पर स्टॉप लॉस पिछले कैंडल का high या low होना चाहिए। जब आप कोई शेयर खरीदते (buy) करते हैं तो आपको स्टॉप लॉस पिछले कैंडल के Low पर लगाना है. यही जब आप कोई शेयर बेचते (sell) करते हैं तो स्टॉप लॉस पिछले कैंडल के High पर लगाना है. इसमें एक बात जरूर ध्यान रखें कि स्टॉप लॉस exact low या high point पर ना लगाए.
  • क्योंकि ये Support और Resistance का काम करता है और इन दोनों पॉइंट पर स्टॉप लॉस जरूर hit होगा. इसलिए हमेशा exact point से नीचे स्टॉप लॉस लगाए. अब कितना पॉइंट नीचे लगाना ये risk management पर तय होगा.
  • हमेशा पिछला सपोर्ट और रेजिस्टेंस को भी देखना है। जब आप कोई भी स्टॉक लेते है, तो इस सोच में रहते की टारगेट क्या होगा. सही टारगेट ना मालूम होने के वजह से बड़े प्रोफिट भी हाथ से निकल जाते है. इसलिए हमेशा टारगेट सेट करने के लिए पिछला resistance देख लें. उसके हिसाब से टारगेट लगा लें. ऐसे ही स्टॉप लॉस लगाने के लिए भी पिछला support देख लें और उससे कुछ पॉइंट नीचे का स्टॉप लॉस लगा दे. (how to place stop-loss orders)

S and P

Target and stop loss for intraday

किसी भी ट्रेड में एंट्री करने से पहले स्टॉप लॉस और टारगेट तय होना चाहिए। जैसे कि ऊपर के पैराग्राफ में आपने देखा कि स्टॉप लॉस और टारगेट कैसे लगाना है तो उसी के हिसाब से किसी भी ट्रेड में एंट्री लेने से पहले stop loss और target तय कर लें. अब प्रोफिट कितना लेना है? ये अलग–अलग ट्रेडर पर निर्भर करता है. आप चाहे स्टॉप लॉस को ट्रेल भी कर सकते हैं जिसे trailing Stop Loss कहा जाता है.

Stoploss and target

How to put stop loss and target

यदि आप स्टॉक Selling करते हैं, तो आपका स्टॉप लॉस और टारगेट इसका उल्टा हो जायेगा. वो कैसे? आइए जानते है. जब आप कोई स्टॉक Sell करेंगे तो आप सोचेंगे कि स्टॉक की प्राइस गिरे जिससे कि आपको प्रोफिट हो. तो यहां आपको स्टॉप लॉस resistance level से कुछ point ऊपर लगाना है और टारगेट support level हो जाएगा. इसके अलावा स्टॉप लॉस को ट्रेल भी कर सकते हैं.

HDFC Securities को है इस केमिकल स्टॉक पर भरोसा, 3 महीने में देखने को मिल सकता है 20% तक का अपसाइड, जानिए कहां होना चाहिए स्टॉपलॉस

पिछले 1 साल की अवधि में इस स्टॉक ने 69 फीसदीका रिटर्न दिया है जबकि पिछले 5 साल में यह मल्टीबैगर साबित हुआ है और इसने इस अवधि में 401 फीसदी का रिटर्न दिया है.

HDFC Securities ने अपने हाल में जारी नोट में कहा है कि J B Chemicals & Pharmaceuticals के स्टॉक हाल में डेली चार्ट पर भारी वॉल्यूम के साथ डाउनवड स्लोपिंग ट्रेन्डलाइन से बाहर निकलते दिखे है। इस स्टॉक का शॉर्ट टर्म ट्रेन्ड पॉजिटीव नजर आ रहा है क्योंकि यह अपने 5 और 20 DMA से ऊपर कारोबार कर रहा है।

HDFC Securities ने इस स्टॉक को अपने टॉप e-margin पोजिशनल पिक के तौर पर चुना है। ब्रोकरेजज हाउस ने JB Chemicals को Buy रेटिंग देते हुए 1985-2100 रुपये का लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य 3 महीने में हासिल होता नजर आ सकता है। HDFC Securities ने इस खरीद के लिए 1600 रुपये के स्टॉपलॉस की सिफारिश की है।

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गौरतलब है कि JB Chemicals की स्थापना 1976 में हुई थी। कंपनी का पूरा नाम J B Chemicals & Pharmaceuticals Ltd. (JBCPL) है। यह एक इंटिग्रेडेड रिसर्च आधारित और पब्लिक लिस्टेंड कंपनी है। जो भारत के साथ-साथ तमाम विदेशी बाजारों में भी कारोबार करती है। कंपनी दुनिया भर के 30 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी आय में आधे से ज्यादा योगदान एक्सपोर्ट से होने वाले कारोबार का है।

JBCPL तमाम स्पेशल प्रोडक्ट बनाती है जिसमें कई तरह के इंजेक्शन, टेबलेट , क्रीम, मरहम, हरबल लिक्विड और कैपसुल शामिल है । पिछले 1 साल की अवधि में इस स्टॉक ने 69 फीसदीका रिटर्न दिया है जबकि पिछले 5 साल में यह मल्टीबैगर साबित हुआ है और इसने इस अवधि में 401 फीसदी का रिटर्न दिया है। 5 साल पहले यह शेयर 348 रुपये पर था । वहीं वर्तमान में यह शेयर 1,746 रुपये के आसपास नजर आ रहा है।

Trailing Stop loss – ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस क्या है ?(What is Trailing Stop-loss)

दोस्तों आज हम सीखेंगे कि ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस क्या है ? ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का उपयोग कैसे करें?

ट्रैलिंग स्टॉप-लॉस के लाभ.

ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का उपयोग कैसे करें?

वास्तव में, इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) में ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। और ट्रेलिंग स्टॉप लॉस के जरिए आप अपनी इनकम को और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए बने रहें।

स्टॉप लॉस क्या है -What is Stop Loss?

ट्रेलिंग स्टॉप लॉस शब्द स्टॉप लॉस (Stop -Loss) से आया है।

हमें स्टॉप लॉस के बारे में जानने की जरूरत है।

स्टॉप लॉस का मतलब है अतिरिक्त नुकसान से बचना। शेयर बाजार में लाभ और हानि दोनों होते हैं।

शेयर की मूल्य वृद्धि जितनी अधिक होगी, आपका लाभ उतना ही अधिक होगा।

लेकिन शेयर की मूल्य गिरावट जितनी अधिक होगी, आपका नुकसान उतना ही अधिक होगा। यदि शेयर की कीमत में अनियमित रूप से गिरावट जारी रहती है, तो आपको अधिक नुकसान होता है।

तो आपको इस अतिरिक्त नुकसान से बचने के लिए स्टॉप लॉस (Stop -Loss) का उपयोग करने की आवश्यकता है।

शेयर खरीदने से पहले आपको यह तय करना होगा कि शेयर की कीमत कितनी बढ़ जाएगी और अगर कीमत कम हो जाती है तो आप कितना नुकसान उठा सकते हैं।

मान लीजिए आपने 120 रुपये में एक शेयर खरीदा।

Stop Loss – Example

आप 140 रुपये या 20 रुपये के लाभ का लक्ष्य निर्धारित करते हैं, और आपको इसके विपरीत सोचना होगा, यदि शेयर की कीमत गिरती है, तो आप तय करते हैं कि आपके पास 5 रुपये या 7 रुपये का नुकसान करने की शक्ति है।

120-140 = 20/- प्रति शेयर लाभ

120-113 = 7/- प्रति शेयर हानि

यदि शेयर की कीमत गिरती है और 7 रुपये से नीचे आती है, तो शेयर अपने आप बिक जाएंगे।

देखा गया कि शेयर 120 रुपये से कमकर 100 रुपये हो गए, लेकिन जब से आपने स्टॉप लॉस का इस्तेमाल किया है तो आपको प्रति शेयर अधिकतम 7 रुपये का नुकसान होगा।

इस तरह आप अतिरिक्त नुकसान से बचेंगे। स्टॉप लॉस का उपयोग शेयरों को स्वचालित रूप से बेचने के लिए किया जाता है। आप जानते हैं, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान शेयरों में बहुत उतार-चढ़ाव होता है।

बहुत से लोग हैं जो इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) में हर दिन घाटा कर रहे हैं, इन घाटे का मुख्य कारण स्टॉप लॉस का उपयोग नहीं करना है।

दूसरा सवाल है कि स्टॉप लॉस कैसे लगाया जाए?

जब आप कोई शेयर खरीदते हैं, तो आपको शेयर की कीमत दर लिखकर ऑर्डर बॉक्स (Order Box) में स्टॉप लॉस के लिए एक अलग घर मिलेगा।

उस स्थिति में, पहले खरीद आदेश (Order) पूरा करें।

फिर सेल ऑर्डर(Sell Order) चुनें और स्टॉपलॉस बॉक्स (Stop Loss Box) में स्टॉप लॉस प्राइस (Stop loss Price) दर्ज करें।

Stop Loss

Stop Loss

अब सवाल यह है कि किसी शेयर को कितना पैसा रोका जाए, यह महत्वपूर्ण है।

मान लीजिए आप 100 रुपये के शेयर पर 5 रुपये का स्टॉप लॉस लगाते हैं।

10000 रुपये के शेयर पर 5 रुपये का स्टॉप लॉस लगाते हैं।

यह गलत तरीका है, कोई फर्क नहीं स्टॉप लॉस कहां होना चाहिए पड़ता कि आप कौन सा स्टॉक खरीदते हैं, बड़ा या छोटा, स्टॉप लॉस बनाने का मुख्य तरीका उस स्टॉक के Support में स्टॉप लॉस लगाना है।

Support क्या है जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Read – What is Support & Resistance

दूसरा तरीका यह है कि लाभ और लॉस अनुपात 2:1 या 3:1 . होना चाहिए।

दूसरे शब्दों में, यदि आपके पास 1 टका खोने की क्षमता है, तो आपको 3 टका का लक्ष्य रखना होगा।

आइए अब अपने मुख्य विषय पर आते हैं – Trailing Stop loss

ट्रेलिंग स्टॉप लॉस वह राशि है जिसे आप नुकसान की क्षमता रखते हैं, उस नुकसान की मात्रा और कम हो जाती है।

मैंने इस मामले में स्टॉपलॉस का उदाहरण दिया।

आपके पास प्रति शेयर 7 रुपये नुकसान की शक्ति है। यदि शेयर खरीदने के बाद भी शेयर की कीमत बढ़ती रहती है, तो मान लीजिए कि यह एक 120 से बढ़कर 125 रुपये हो जाती है।

फिर आपको स्टॉप लॉस को और कम करना होगा।आप स्टॉप लॉस को 7 रुपये से घटाकर तीन रुपये या चार रुपये कर सकते हैं।

फिर देखने को मिला कि शेयर 130 रुपये तक पहुंच गया।

उस स्थिति में आप अपने शेयरों के खरीद मूल्य के करीब 120 रुपये पर स्टॉप लॉस लगा सकते हैं।

फिर देखने को मिला कि शेयर 135 रुपये तक पहुंच गया। तब आप अपना स्टॉप लॉस 125 रुपये कर सकते हैं।

एक शब्द में, शेयर की कीमत बढ़ने पर स्टॉप लॉस कमना चाहिए।

जब आप देखते हैं कि ट्रेलिंग स्टॉप लॉस आपके स्टॉक की कीमत से ऊपर पहुंच गया है, तो आप समझ सकते हैं कि आपको किसी भी तरह के नुकसान की कोई संभावना नहीं है, आपको 100% लाभ होगा।

दूसरा सवाल है कि ट्रेलिंग स्टॉप (Trailing Stop loss) कैसे लगाया जाए?

अब प्रश्न यह है कि आप ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का उपयोग कैसे करते हैं?

आपको अलग से कोई ट्रेलिंग स्टॉप लॉस नहीं उठाना पड़ेगा। स्टॉप लॉस ऑर्डर देने से पहले आपको स्टॉप लॉस बदलने का विकल्प मिलेगा।

जिससे आप अपने स्टॉप लॉस को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं।

स्टॉप लॉस (Stop loss) आपको अतिरिक्त नुकसान से बचाने की कोशिश करता है

ट्रेलिंग स्टॉप लॉस (Trailing Stop loss) आपके प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ाने की कोशिश करता है।

तो अगर आप शेयर बाजार में काम करना चाहते हैं।

तो आपको इन दो तरीकों को ध्यान में रखकर काम करना होगा।

अगर आपको शेयर बाजार के बारे में ज्यादा अनुभव नहीं है।

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सिर्फ 799 रुपये में आप शेयर बाजार के सभी कामकाज सीख सकते हैं।

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मेरी आखिरी पंक्ति

मुझे आशा है कि आपको यह लेख Trailing Stop loss – ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस क्या है ?(What is Trailing Stop-loss) पसंद आया होगा। यदि आपका कोई प्रश्न या टिप्पणी है, तो बेझिझक हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।

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