कल, यानी गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत (Gold Rate) में 59 रुपये की तेजी आई. वहीं, चांदी की कीमतों में आज 194 रुपये की गिरावट दर्ज हुई. गुरुवार को सोना 59 रुपये बढ़कर 55,241 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 55,182 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी की कीमत 194 रुपये घटकर 69,413 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.

jeetu patwari

विदेशी बाजार की पहचान से क्या अर्थ है?

इसे सुनेंरोकेंविदेशी विनिमय (या फोरेक्स या एफएक्स) बाजार सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें विदेशी व्यापारियों के बीच ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य का आदान–प्रदान होता है। विदेशी मुद्राओं का व्यापार भारतीय बाजार सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्थानों में किया जाता है, और यह 24 घंटे खुला रहता है।

इसे सुनेंरोकेंव्यापारी हुंडी के अतिरिक्त एक और दूसरी तरह की हुंडियों का उपयोग किया जाता है जिन्हें ‘रोजगारी हुंडी’ कहते हैं। इसके अतिरिक्त यात्री हुंडी, सरकारी हुंडी और बैंकों द्वारा जारी की गई हुंडियों का उपयोग भी विदेशी व्यापारिक लेन देन चुकाने में होता है। उपर्युक्त लेन देन जिस दर पर चुकाया विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? जाता है उसे विनिमय दर कहते हैं।

विदेशी करेंसी क्या है?

इसे सुनेंरोकेंविदेशी मुद्रा भण्डार किसी भी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां हैं जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर वह अपनी देनदारियों का भुगतान कर सकता है। इस तरह की मुद्राएं केंद्रीय बैंक जारी करता है. साथ ही साथ सरकार और अन्य वित्तीय संस्थानों की तरफ से केंद्रीय बैंक के पास जमा किये गई राशि होती है.

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Gold Price Today : सोना आज हुआ सस्‍ता, भाव आया 55 हजार से नीचे, चांदी में तेजी

News18 हिंदी लोगो

News18 हिंदी 3 दिन पहले News18 Hindi

© News18 हिंदी द्वारा प्रदत्त "Gold Price Today : सोना आज हुआ सस्‍ता, भाव आया 55 हजार से नीचे, चांदी में तेजी"

नई दिल्‍ली. भारतीय वायदा बाजार में सोना सस्‍ता हो गया है. आज, यानी शुक्रवार 23 दिसंबर को मल्‍टी विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर सोने का भाव (Gold Price Today) 0.08 फीसदी गिरकर 55,000 रुपये से नीचे आ गया है. चांदी का भाव (Silver price Today) 0.36 फीसदी चढ़ा जरूर है, लेकिन यह 69,000 रुपये से नीचे ही कारोबार कर रहा है. कल एमसीएक्‍स पर सोने और चांदी के रेट जोरदार गिरावट के साथ बंद हुए थे. सोना ने गुरुवार को 1.13 फीसदी और चांदी ने 1.78 फीसदी गिरावट के साथ क्‍लोजिंग दी थी.

कमलनाथ जी! इस बार तो आपने हद कर दी….

– पहले विधानसभा की कार्रवाई को बकवास कहना और अब अपनी ही पार्टी द्वारा लाए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन से अनुपस्थिति रह कर मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हद कर दी? नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। सदन में लंबी चर्चा हुई लेकिन कमलनाथ पांच मिनट के लिए भी सदन के अंदर नहीं गए। कांग्रेस ने पार्टी विधायकों को विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? व्हिप जारी किया था। कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।

kamal nath in morena

फिर सत्ता में आने के सपने देख रही है। क्या ऐसे में कमलनाथ को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मौजूद नहीं रहना चाहिए? क्या पार्टी व्हिप उन पर लागू विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? नहीं होता? खास यह भी कि अचानक डॉ सिंह की मां का स्वास्थ्य खराब हो गया। उन्हें लहार जाना पड़ा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ढाई घंटे तक अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया और सामने कांग्रेस बिना सेनापति की फौज की तरह थी। तब भी कमलनाथ नहीं पहुंचे। सरकार के वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव ने इस पर चुटकी ली और कांग्रेस विधायकों को सलाह दी कि आप लोग बैठकर पहले अपना नेता चुन लीजिए। क्या इसका मतलब यह है कि कमलनाथ एवं डॉ गोविंद सिंह के बीच तगड़े मतभेद हैं? क्या विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? है? गोविंद सिंह के अविश्वास प्रस्ताव पर कमलनाथ की सहमति नहीं थी?

माता सीता, रामसेतु पर बैकफुट में भाजपा….

राजनीति भी अजब है, ‘तू डाल-डाल, मैं पात-पात’ वाली। माता सीता, रामसेतु को ही ले लीजिए, इसे लेकर भाजपा हमलावर रहती थी और कांग्रेस बचाव की मुद्रा में। अब बाजी पलट गई है क्योंकि कांग्रेस इन्हें लेकर घेर रही है और भाजपा बैकफुट पर। रामायण के एक प्रसंग की चर्चा करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने माता सीता से तलाक शब्द को जोड़ दिया। कांग्रेस ने इसे लपकने में देर नहीं की और भाजपा पर माता सीता को अपमानित करने का आरोप जड़ दिया। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा को सीता माता के विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? लिए तलाक शब्द का इस्तेमाल करने के लिए मोहन यादव की ओर से माफी मांगना पड़ी। दूसरा, रामसेतु कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा का पसंदीदा शस्त्र रहा है, यूपीए सरकार के समय कोर्ट में रामसेतु को काल्पनिक जो बता दिया गया था। अब वही गलती विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? केंद्र की भाजपा सरकार ने कर दी। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने कह दिया कि पत्थर तो दिख रहे हैं लेकिन यह रामसेतु ही है, कह नहीं सकते। बस क्या था, कांग्रेस ने जवाबी हमला बोल दिया। कमलनाथ से लेकर दिल्ली तक नेताओं ने भाजपा को घेर लिया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा राम सेतु को नकार कर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रही है। है न राजनीति अजब।

कर्जमाफी पर कांग्रेस को भाजपा का सर्टिफिकेट….!

लीजिए, अब तक भाजपा किसान कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस को घेरती थी और अब उसने ही कांग्रेस को कर्जमाफ करने का सर्टिफिकेट दे दिया। इससे कांग्रेस को संजीवनी मिली है। विधानसभा के पिछले चुनाव में किसान कर्जमाफी कांग्रेस का बड़ा मुददा था। इसकी सवारी कर वह सत्ता तक पहुंची थी। भाजपा लगातार आरोप लगाती थी कि कांग्रेस ने किसानों को सिर्फ गुमराह किया। उनका कर्ज माफ नहीं हुआ और किसान डिफाल्टर हो गए। अचानक भाजपा ने ही कांग्रेस की किसान कर्जमाफी पर मुहर लगा दी।

SHIVRAJ JI

विधानसभा में अवश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को किसानों का 53 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ करना था, लेकिन सब कचरा कर दिया। सिर्फ 7 हजार करोड़ रुपए ही माफ हुआ। मुख्यमंत्री का यह कथन कांग्रेस के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं था। कांग्रेस विधायक उछल पड़े। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव, पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट सहित कई विधायकों ने खड़े होकर कहा कि अब तो मुख्यमंत्री ने ही स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया। उन्होंने मांग की कि भाजपा सरकार शेष किसानों का कर्ज माफ करे। वादा भी कर दिया, हम आए तो माफ करेंगे। साफ है कि आगे भी किसान कर्जमाफी कांग्रेस का मुद्दा होगा।

नेक्स्ट जनरेशन की Yamaha RX100 में होगा ज्यादा ताकतवर इंजन, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स

नेक्स्ट जनरेशन की Yamaha RX100 में होगा ज्यादा ताकतवर इंजन, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स

प्रतिकात्मक तस्वीर- India TV Hindi

कैसी थी Yamaha RX100?

Yamaha की RX100 बाइक 98cc के टू स्ट्रोक सिंलेंडर के साथ आती थी, जो कि 11 PS और 10.39 Nm का टॉर्क जेनरेट करता था। 100cc की कोई भी बाइक Yamaha RX100 के इस फिगर को टक्कर नहीं दे पाई विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? है। खास बात ये है कि RX100 का वजन केवल 103 किलोग्राम था। लाइट वेट बाइक होने की वजह से RX100 का वेट रेशियो बहुत अच्छा था, जो कि इसे 150-160cc की बाइक जितना तेज और दमदार बनाता था।

नए जमाने की RX100 के रेट्रो डिजाइन और स्टाइलिश होने की संभावना है। यह कुछ ऐसा हो सकता है जैसा हम Jawa 42, Royal Enfield Hunter 350, Honda CB350 H में देख चुके हैं।

मौजूदा समय में भारत में Yamaha के पोर्टफोलियो में केवल 150cc और 250cc प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें FZ, FZ-S, FZ-X, FZ-25 MT-15, YZF-R15, और स्कूटर Ray-ZR, Fascino और 155cc Aerox जैसी मोटरसाइकिल शामिल हैं। Yamaha RX100 मोटरसाइकिल के बारे में ज्यादा जानकारी अगले साल किसी भी समय सामने आ सकती हैं।

Year Ender 2022: महंगाई को काबू करने में नाकाम रहने और डिजिटल मुद्रा को लेकर सुर्खियों में रहा RBI

RBI Policy: Home और Car Loan की EMI फिर बढेंगी? रिजर्व बैंक की MPC बैठक शुरू, जानिए कितनी बढ़ेगी Repo Rate

RBI- India TV Hindi

Photo:PTI RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिये यह साल मिला-जुला रहा। आरबीआई जहां एक तरफ पहली बार लक्ष्य के अनुसार महंगाई को काबू में नहीं रख पाया। वहीं, पायलट आधार पर डिजिटल रुपया जारी कर तथा अपने प्रयासों से बैंकों के बही-खातों को मजबूत करने में सफल रहने से सुर्खियों में रहा। अब जब मुद्रास्फीति तय लक्ष्य के दायरे में आ रही है, ऐसे में नये साल में अब जोर आर्थिक वृद्धि को गति देने पर हो सकता है। खासकर मई, 2022 के बाद से नीतिगत दर में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि को देखते हुए जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि पर विशेष ध्यान दिये विदेशी मुद्रा बाजार इतना तरल क्यों है? जाने की उम्मीद है। नीतिगत दर में वृद्धि से आर्थिक वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। 12 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर रही।

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