100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश - विभिन्न परिस्थितियों भारतीय निवेशकों पर क्या सीमा है? के अधीन।

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' विदेशी निवेश'

उभरते उद्यमियों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के कारण देश की स्टार्टअप कंपनियां अगले साल यानी 2023 में अच्छा-खासा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करेंगी. उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अनुराग जैन ने यह राय जताई.

Stock Market Opening Updates: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई (FPIs) ने 1 से 23 दिसंबर 2022 के दौरान करीब 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

FPI Inflows In Equities: इससे पहले सितंबर और अक्टूबर में विदेशी निवेशकों की शेयर बाजार में बिकवाली देखी गई थी. उन्होंने अक्टूबर में शेयर बाजार से आठ करोड़ रुपये और सितंबर में 7,624 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे थे.

बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को विदेशी निवेशकों से पूंजी जुटाने के संदर्भ में वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) के लिए एक नियामकीय प्रारूप जारी किया. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने एक परिपत्र में नए दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है. इसके तहत एआईएफ भारतीय, विदेशी या अनिवासी भारतीयों से यूनिट जारी कर कोष जुटा सकते हैं.

भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), विदेश में स्थित कंपनियों में विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, पहला ग्रीन फील्ड निवेश (इसके तहत दूसरे देश में एक नई कम्पनी स्थापित की जाती है) और दूसरा पोर्टफोलियो निवेश (इसके तहत किसी विदेशी कंपनी के शेयर खरीद लिए जाते हैं या विदेशी कंपनी का अधिग्रहण कर लिया जाता है)|

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) विदेश में स्थित कंपनियों में विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, पहला ग्रीन फील्ड निवेश (इसके तहत दूसरे देश में एक नई कम्पनी स्थापित की जाती है) और दूसरा पोर्टफोलियो निवेश (इसके तहत किसी विदेशी कंपनी के शेयर खरीद लिए जाते हैं या उसके स्वामित्व वाले विदेशी कंपनी का अधिग्रहण कर लिया जाता है)|

भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में 11 रोचक तथ्य

क्र.सं.

क्षेत्र

निवेश की सीमा एवं माध्यम

1.

2.

नागरिक उड्डयन (Civil Aviation)

स्वतः 49% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (प्रवासी भारतीयों के लिए 100%)

3.

सम्पत्ति पुनर्निर्माण कम्पनियां Asset Reconstruction Companies (ARCs)

100 % (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश + विदेशी संस्थागत निवेश) –

4.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक

74% (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश + विदेशी संस्थागत निवेश) 49% से अधिक विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के माध्यम से

20% (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश + विदेशी संस्थागत निवेश) विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के माध्यम से

5.

भारतीय निवेशकों पर क्या सीमा है?

SEBI ने प्रत्यक्ष ETF लेनदेन की समय सीमा 1 मई, 2023 तक बढ़ाई; ऋण निर्गम के लिए अंकित मूल्य को घटाकर 1 लाख रुपये किया

SEBI defers deadline for direct ETF transactions yet again

28 अक्टूबर भारतीय निवेशकों पर क्या सीमा है? 2022 को, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (AMC) के साथ प्रत्यक्ष ETF(एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) लेनदेन के लिए 25 करोड़ रुपये की सीमा नियम के कार्यान्वयन की समय सीमा 1 मई, 2023 तक बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि 28 जुलाई 2022 को जारी सर्कुलर का क्लॉज 2(IV)(A) 1 मई, 2023 से लागू होगा।

  • प्रारंभ में, यह नियम 1 जुलाई, 2022 से लागू होना था और इसे 1 नवंबर, 2022 तक बढ़ा दिया गया था।
  • यह दूसरी बार है जब SEBI ने इस समय सीमा को बढ़ाया है।

यहां करेंगे निवेश तो FD से ज्यादा मिलेगा रिटर्न और आसानी से बचेगा टैक्स, पढ़ें क्या है ये काम की स्कीम

नेहा दुबे

Reported By: |नेहा दुबे | Updated: Dec 26, 2022, 06:29 PM IST

यहां करेंगे निवेश तो FD से ज्यादा मिलेगा रिटर्न और आसानी से बचेगा टैक्स, पढ़ें क्या है ये काम की स्कीम

डीएनए हिंदी: भारतीय डाकघर समय-समय पर कस्टमर्स को ध्यान में रखकर कोई न कोई योजना निकालती रहती है. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) भी एक ऐसी ही स्कीम है जो कि फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) योजना है. यह स्कीम काफी सेफ और सिक्योर है इसमें निवेश की गई पूंजी पूरी तरह सुरक्षित होती है. इसमें निवेशक एक निश्चित अवधि के लिए निवेश करते हैं जिसपर उन्हें ब्याज मिलता है. इसमें अन्य बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज दर मिलता है.

Global Investors Summit 2023 उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं भारतीय कारोबारी, लखनऊ जाकर सीएम योगी से मिले

Global Investors Summit 2023

प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में जब से योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है। कारोबारियों (businessmen) के लिए एक अवसर सा मिला है। यहां कारोबार करने के लिए इच्छा जता रहे हैं। देश दुनियां की तमाम कंपनियां यहां निवेश (investment) करना चाहती हैं। भारतीय कारोबारियों का एक ग्रुप बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भारतीय निवेशकों पर क्या सीमा है? से मिला और राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक प्रेस नोट के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल ने ‘ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023′ में भागीदारी के लिए इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में 10 से 12 फरवरी तक यह ‘ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023′ आयोजित कर रही है।

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